गोवा सिर्फ़ एक जगह नहीं है, यह एक मूड है। यहाँ घड़ियाँ धीमी चलती हैं, लेकिन दिल तेज़ी से धड़कता है। समंदर की लहरें, खुले आसमान के नीचे संगीत और हवा में नमक की खुशबू—गोवा आपको आते ही “रिलैक्स” करना सिखा देता है।
समंदर से शुरू होती सुबह
गोवा की सुबह अलार्म से नहीं, लहरों की आवाज़ से शुरू होती है। सुनहरी धूप, नरम रेत और दूर तक फैला नीला समंदर—यहाँ हर सुबह किसी पोस्टकार्ड जैसी लगती है। बागा, कलंगुट, अंजुना या पालोलेम—हर बीच की अपनी अलग पहचान है।
रंगों में बसी संस्कृति
गोवा की संस्कृति भारतीय जड़ों और पुर्तगाली विरासत का खूबसूरत मेल है। पुराने चर्च, सफ़ेद दीवारों वाले घर और संकरी गलियाँ इतिहास की कहानियाँ सुनाती हैं। कार्निवल, शिगमो और म्यूज़िक फेस्टिवल—यहाँ जश्न ज़िंदगी का हिस्सा है।
खाने में भी आज़ादी
गोवा का खाना भी उतना ही बेफ़िक्र है जितना उसका माहौल। फिश करी, प्रॉन बालचाओ, विंदालू और नारियल से बने स्वाद—हर प्लेट में समंदर और मसालों की दोस्ती दिखती है। सनसेट के साथ सीफ़ूड का स्वाद यहाँ और भी खास हो जाता है।
पार्टी से शांति तक
दिन में गोवा मस्ती सिखाता है और रात में खुद को जीना। क्लब्स और बीच पार्टियों के साथ-साथ यहाँ शांत योग रिट्रीट्स और साइलेंट बीच भी हैं। यही गोवा की खूबी है—आप जैसा चाहें, वैसा गोवा।
क्यों जाना चाहिए गोवा?
क्योंकि कभी-कभी ज़िंदगी को रीस्टार्ट नहीं, रिलैक्स मोड पर डालना ज़रूरी होता है।
गोवा वही जगह है।

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