महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development – MWCD) भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण मंत्रालय है, जो देश में महिलाओं और बच्चों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए कार्य करता है। इस मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना तथा उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है।
मंत्रालय की स्थापना और भूमिका
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की स्थापना वर्ष 2006 में की गई थी। इससे पहले यह विभाग मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता था। मंत्रालय नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों का समाधान करता है।
प्रमुख उद्देश्य
इस मंत्रालय के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
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महिलाओं का सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण
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बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा में सुधार
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महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा और शोषण की रोकथाम
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लैंगिक समानता को बढ़ावा देना
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बाल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
प्रमुख योजनाएँ और कार्यक्रम
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा कई महत्वपूर्ण योजनाएँ चलाई जाती हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं:
1. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ
यह योजना बालिकाओं के जन्म, शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है।
2. मिशन शक्ति
यह योजना महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को एकीकृत करती है।
3. एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS)
यह योजना 0–6 वर्ष के बच्चों और गर्भवती/धात्री महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाएँ प्रदान करती है।
4. पोषण अभियान (POSHAN Abhiyaan)
इसका उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और महिलाओं में कुपोषण को समाप्त करना है।
5. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)
यह योजना गर्भवती महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है ताकि मातृत्व के दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सके।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा
मंत्रालय महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों से निपटने के लिए वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन (181) और चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) जैसी सेवाएँ प्रदान करता है। इसके अलावा, यौन उत्पीड़न, बाल विवाह और मानव तस्करी जैसी समस्याओं पर भी मंत्रालय सक्रिय रूप से कार्य करता है।
निष्कर्ष
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत में एक सशक्त, समावेशी और सुरक्षित समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है। इसके प्रयासों से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है और बच्चों को एक बेहतर भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन मिल रहा है। यह मंत्रालय “सबका साथ, सबका विकास” के लक्ष्य को साकार करने में निरंतर योगदान दे रहा है।

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